ज़िंदगी हर रोज़ नए नए रंग दिखाती है,
आज हसती है तौ कल रुलाती है.
कभी अपनों से दूर करती है,तौ कभी परायों के करीब लाती है,
कभी तनहियों मी सुकून मिलता है,
कभी भीड़ मी अकेलापन महसूस कराती है,
ज़िंदगी हर रोज़ नए रंग दिखाती है...........
बनते है तरह तरह के रिश्ते,
कभी किसी से दुश्मनी, कभी किसी से मोह्हबत कराती है,
रिश्तों की खुशियों के लम्हों के बाद,
रिश्तों के टूटने के दर्द का एहसास कराती है,
आज हसती है तौ कल रुलाती है,
ज़िंदगी हर रोज़ नए रंग दिखाती है............
तय करता है इंसान एक मंजिल अपने लिए,
हर मंजिल के दो रस्ते ये बताती है,
मेरे साथ अक्सर यह हुआ है दोस्तों, मंजिल तक पहुच कर भी,
किस्मत मुझे नाकामी का एहसास कराती है ,
ज़िंदगी हर रोज़ नए रंग दिखाती है............
आज हसती है टू कल हसती है .....................
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