जिंदगी है एक नदी की धारा
चलना है लगातार
रुकना नही, थामना नही
चलते रहना मेरे साथी ,ओ यार!!
मंजिल की रहा पर
उसे पाने की चाह पर
तू कठिन परिश्रम कर
और न बढाओ से डर
मत समझ स्वयं को छोटा
कुछ भी न होता खोता
ख़ुद को समझ सबसे ऊचा
पर मत सोच दूसरो को नीचा
सोने का आराम न कर
थकने का तू काम न कर
बस जागने का है काम
क्युकी तुझे पाने है इस दुनिया मी नाम!
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