खो के क्या खोया हमने
पा के क्या पाया हमने
आंसू को चू कर तुम्हारे
आपके दुखो को पाया हमने
तुम यहाँ हो या नही
क्या फर्क पड़ता है हमे
तेरे एहसास को चू कर
तेरे प्यार को पाया हमने
फलक की नश्वर तस्वीर बनाई
उसमे रंग भरे तुम्हारे
तुम्हारा इंतज़ार भी किया
क्या रुक कर कुछ पाया हमने?
चलना ज़िंदगी है कहते हैं आप
हम हो नही सकते तुम्हारे
फ़िर वही शोर मॅन को जगाता है
की खो के क्या खोया हमने
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